आइए दोस्तों आज हम बात करते हैं मानव के उत्थान टॉपिक पर.... वर्तमान में मानव जीवन एक स्वार्थी सा बन गया है आज कोई किसी के बारे में नहीं सोचता वह मनुष्य इतना हद तक गिर गया है की छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलना व गलत भाषा का प्रयोग आदि करता हैं, यह सब कारण समाज का जागरूक ना होना और शिक्षा प्रणाली को अधिक महत्व नहीं देने से हैं. आज हम चाह कर भी मनुष्य की सोच नहीं बदल सकते व समाज में परिवर्तन नहीं ला सकते जिससे मनुष्य को एक सही दिशा मिल सके. आज भारत में अनेक प्रकार की संस्थाएं वह मानव समाज के सुधार हेतु समितियां बन चुकी है उनका उद्देश्य मानव समाज का सही निर्माण व कल्याण करवाना ही है परंतु वे सभी संस्थाएं इस कार्य को करने में और सफल होती नजर आ रही है. हमारे देश में अनेक प्रकार की सरकारें समय-समय पर आती है और चली जाती है उनके लाख प्रयासों के बाद भी मानव समाज का उत्थान सही से नहीं हो पा रहा और ना ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर पा रहे हैं! देश और समाज को सुधारने के लिए अध्यात्मिक ज्ञान की जरूरत है वह अध्यात्मिक ज्ञान एक तत्वदर्शी संत ही बता सकते हैं वह वह उनका आ...
दोस्तों आज हम बात करेंगे भारत के खराब शिक्षा स्तर पर..... जैसा कि आप सभी जानते हैं भारत शिक्षा के क्षेत्र मैं अन्य देशों से काफी पिछड़ा हुआ है इसका कारण मुख्यत: समाज में गरीबी,अंधविश्वास,घूसखोरी और बढ़ते हुए अपराध है. अच्छी शिक्षा प्रणाली का निर्माण करने के लिए अच्छी शिक्षा का होना बहुत जरूरी है! किसी भी देश का भविष्य उस देश के नागरिकों(युवाओं)पर निर्भर करता है अगर देश के युवा शिक्षित होंगे तो ही देश एक अच्छी शिक्षा प्रणाली का निर्माण कर पाएगा! आज हमारे देश में बड़े शहरों में शहरों में उच्च शिक्षा श्रेणी की शिक्षा प्रणाली का प्रयोग किया जाता है जैसे कि (अंग्रेजी भाषा) वह अलग-अलग क्षेत्रनुसार भाषा का प्रयोग किया जाता है. भारत मैं गरीबी एक आम परेशानी बन चुकी है आज गरीबी कारण पिछड़े़ क्षेत्र आज और भी पीछड़ते हुए जा रहेे हैं.
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